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इन्टरनेट का इतिहास (internet ka itihaas) – History of internet in hindi

internet ka itihaas kya hai

नमस्कार दोस्तों आज का हमारा topic है – इन्टरनेट का इतिहास (History of internet in hindi). इस लेख में हम internet के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी जानेगे जैसे internet कि शुरुवात कब हुई, internet को किसने बनाया, internet को पहले किस नाम से जाना जाता था, यह पूरी दुनिया में कैसे फैला आदि |

तो चलिए शुरू करते हैं |

इन्टरनेट का इतिहास (History of internet in hindi)

दोस्तों Internet एक computer network है जो कि पूरी दुनिया में काफी तीव्र गति से बढ़ रहा है |

1969 के अंतिम दशक में अमेरिका के रक्षा विभाग ने एक तकनीक का आविष्कार किया था | इस तकनीक को ARPANET के नाम से जाना गया था |

इसे ARPANET के नाम से इसलिए जाना गया था क्योंकि इसे जिस agency ने develop किया था उसका नाम Advance Research Project Agency था | और इसी कम्पनी के नाम के कारण इसे ARPANET कहा गया |

दोस्तों ARPANET का पूरा नाम Advanced Research Project Agency Network है |

दोस्तों शुरुवात में सन 1971 में जब computers का तीव्र गति से विकास हो रहा था तब करीब 10,000 computers को ARPANET के साथ शामिल किया गया था | आगे चलकर करीब सन 1987 से 1989 तक इसमें 1,00,000 और  computers को शामिल  किया गया |

सन1990 आने तक इसका विकास और तीव्र गति से होने लगा | लेकिन उस समय इसे internet के नाम से लोग जानने लगे थे | इसका विकास इतनी तेजी से बढ़ रहा था कि इसमें हर दिन काफी नए computers जुड़ते थे |

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दोस्तों 1992 में इस network से लगभग 10 लाख computers जुड़े और 1993 में जब गणना कि गयी तो तब इस के साथ लगभग 20 लाख computer जुड़ चुके थे | फिर इसी तरह क्रमशः इस network के साथ काफी computers add होते रहे |

धीरे धीरे जब समय गुजरता रहा तो काफी लोगों को समझ आया कि internet वास्तव में पब्लिक के लिए communication और information के लिए सबसे बेहतरीन network है |

internet के विकास में काफी लोगों का योगदान रहा है |

दोस्तों internet को बनाने कि कोशिश तो सन 1950 से ही कि जा रही थी | सबसे पहले इस network को बनाने कि कोशिश US ने ही कि थी | लेकिन सन 1957 में जब USA के हाथ से space supremacy चली गयी तो फिर ये रुक गया |

बाद में US ने  ARPA बनायी और ARPA के माध्यम से एक बार फिर US सक्षम हुआ | तब इसने ARPANET को विकशित किया |

आइये history of internet in hindi के बारे में आगे जानते हैं |

ARPANET कि स्थापना कब और किसने की

history of internet in hindi

ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) कि स्थापना Department of Defense के द्वारा सन 1969 के अंतिम दशक में कि गयी थी |

जब इसे 1969 के अंतिम दशक में develop किया गया तो तब यह काफी प्रायोगिक साबित हुआ था |

शुरुआत में इस network को अमेरिका के चार मुख host computers को आपस में जोड़कर बनाया गया था जो अमेरिका के चार मुख्य विश्वविध्यालयों से सम्बंधित थे | इन्ही computers के द्वारा users के data का आदान-प्रदान होता था |

1972 तक ARPANET में लगभग 32 host computers को जोड़ा जा चुका था और 1972 में ही ARPA को DARPA में परिवर्तित किया गया |

DARPA का पूरा नाम (Defense Advanced Research Projects Agency Network) था |

1973 में ARPA ने अमेरिका कि सीमाओं को पार कर लिया था और international level में ये England और Norway के साथ data को transmit करने लगा था |

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ARPANET कि एक अच्छी और बहुत ही महत्वपूर्ण विधि ये थी कि जैसे by chance अगर network का कोई भाग कार्य करना बंद भी कर देगा तो तब भी network उसी speed तथा गुणवत्ता के साथ सुचारू रूप से कार्य करता रहेगा |

इस क्षेत्र में ARPANET जैसे जैसे विकास करता गया | वैसे वैसे इसकि महत्वता को लोग पहचानने लगे और बाद में इसके networking rules को TCP/IP के नाम से जाना जाने लगा |

TCP का पूरा नाम Transmission Control Protocol होता है और ठीक इसी तरह IP का पूरा नाम Internet Protocol होता है |

Protocol के समूह को ही TCP/IP कहा जाता है | यही निर्धारित करते हैं कि data को किस तरह से transmit किया जायेगा |

आइये जानते हैं भारत में history of internet in hindi क्या रहा है |

भारत में इन्टरनेट कि शुरुआत (Starting of internet in india in hindi)

सबसे पहले भारत में internet का उपयोग 15 अगस्त 1995 में विदेश संचार निगम लिमिटेड के द्वारा telephone lines के जरिये किया गया था |

शरू शुरू में लगभग 20-30 computers को internet के साथ भारत में जोड़ा गया था | उस समय सिर्फ बड़े colleges तथा बड़ी संस्थानों के साथ ही internet को जोड़ा गया था | internet का उस समय जरूरी सूचनाओं को जानने के लिए तथा उनके import-export के लिए इस्तेमाल किया जाता था |

धीरे धीरे internet का भारत में विस्तार होता गया और इसकि speed में भी परिवर्तन आता गया | वरना शुरुवात में तो इसकी speed काफी कम थी |

Internet कि विकास यात्रा में किस वर्ष क्या हुआ ?

दोस्तों internet की विकास यात्रा बहुत ही लम्बी रही है और इसमें हर वर्ष कुछ नया होता रहा है जो कि निम्न प्रकार से है :-

1962 –                 

Pol Bairan के द्वारा उस computer network की परिकल्पना की गयी जो packet switch तकनीक पर आधारित था |

1967 –

इस वर्ष में ARPA के द्वारा ARPANET बनाने के बारे में विचार विमर्श किया गया था |

1969 –

इस वर्ष में ARPANET को develop किया गया था |

1971 –

इस वर्ष में ARPANET के साथ 23 computers को जोड़ा गया था जो कि अमेरिका के Universities में स्थित थे |

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1972 –

Internet working group का प्रथम अध्यक्ष Vinton Cerf को बनाया गया था |

1973 –

ARPANET ने सीमायें पार कर england तथा narway के साथ सम्बन्ध बनाये थे |

1974 –

TELNET को develop किया गया |

1975 –

इस वर्ष britain कि महारानी के द्वारा पहला e-mail प्राप्त किया गया था और इसी वर्ष data को store करने तथा forward करने के लिए internet को काबिल किया गया था |

1976 –

Unix to Unix Copy को विकशित किया गया |

1977 –

Unix to Unix Copy का प्रयोग करते हुए THEORYNET विकशित किया गया | इसी के माध्यम से वैज्ञानिकों को mail किया गया | जो 100 से अधिक रिसर्च कार्य में लगे थे |

1982 से 1987 तक –

इसी अविधि में ARPANET का नाम बदल कर internet पड़ा | एक समान protocols को Vinton Cerf तथा Bob Kahn ने विकशित किया था | लगभग इसी समय में internet का अधिक तेजी से विकास हुआ | क्योंकि इसी समय में सायद अन्य सस्ते computers को विकशित किया गया था | जैसे – personal computer आदि |

1988 से 1990 तक –

इस समय में internet को communication के लिए सबसे अच्छा तरीका माना जाने लगा था और साथ ही internet अपने users के लिए काफी useful और सुरक्षित tricks लेके आ गया था | मतलब internet के द्वारा सुरक्षित तरीके से DATA का आदान-प्रदान किया जाने लगा था |

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1991 से 1993 तक –

यह वही अविधि है जिसमे internet का उपयोग काफी बढ़ गया था | इन वर्षों में internet ने काफी उंचाईयों को छुआ |

1994 से 1998 तक –

Internet ने shopping कि facility प्रदान कि और internet पर विज्ञापन आने आरम्भ हुए | इसी समय में computer network के साथ लगभग 40 million user जुड़ चुके थे |

1999 से अब तक –

इसमें काफी संशोधन किये गए ताकि ये सरल हो सके | अब computer network को पूरा विश्व जानने लगा है तथा इससे काफी लोग पैसे भी कमा रहे हैं | इसका उपयोग अब और भी आसान हो गया है और अब internet लोगों कि आम जिंदगी का हिस्सा बन चुका है |

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों आज के लेख इन्टरनेट का इतिहास (History of internet in hindi) में हमने internet के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी जानी है |

इस लेख में हमने पूरे विस्तार से जाना है कि internet कि शुरुवात कब हुई थी और यह आज कैसे पूरी दुनिया में फैल चुका है |

आशा करता हूँ कि आपको इन्टरनेट का इतिहास (History of internet in hindi) पर लिखा हुआ हमारा यह लेख काफी पसंद आया होगा | हमारा आपसे निवेदन है कि इस लेख को facebook, whatsapp, twitter आदि के माध्यम से अपने मित्रों और जानने वालो तक जरूर पहुंचाए ताकि उन्हें भी यह जरूरी जानकारी प्राप्त हो सके |

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