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मेमोरी क्या है (Memory kya hai) – What is computer memory in hindi

memory kya hai

दोस्तों आज का हमारा topic है मेमोरी क्या है (Memory kya hai) – What is memory in hindi. इस लेख में हम memory के बारे में पूरी जानकारी विस्तारपूर्वक जानेगे जैसे memory क्या होती है, इसका क्या काम होता है, memory कितने प्रकार की होती है आदि |

तो चलिए शुरू करते हैं |-

मेमोरी क्या है (memory kya hai) – What is memory in hindi

दोस्तों User के द्वारा दिए commands , instruction आदि को एकत्रित करना ही memory कहलाता है | Memory को हिंदी में हम याद या स्मृति भी कह सकते हैं |

Memory का मुख्य कार्य data को एकत्रित करना होता है |

Computer की संरचना मानव की संरचना के समान ही होती है | जिस प्रकार मानव किये गए कार्य को याद रखने के लिए मस्तिष्क की मदद लेता है ठीक बिलकुल उसी प्रकार computer अपने द्वारा किये गये कार्य को याद रखने के लिए Memory की सहायता लेता है |

कम्प्यूटर मेमोरी के प्रकार (types of computer memory in hindi)

वर्तमान समय में प्रयोग होने वाली memory को दो भागों में बांटा जा सकता है :-

  1. Primary Memory
  2. Secondary Memory
  3. Cache memory

1. Primary Memory

दोस्तों Primary memory को मुख्य memory या internal memory भी कहा जाता है | इस memory का निर्माण जर्मेनियम , कैडमियम , गैलियम , सिलिकॉन आदि जैसे अर्धचालक पदार्थों से होता है | और इसी कारण इस memory को हम Semi-conductor memory भी कह सकते है |

इस memory की storage speed काफी तेज होती है , इसका वजन काफी हल्का होता है और ये आकार में भी छोटी होती है |

इसे हिंदी में प्राथमिक मेमोरी भी कहा जा सकता है |

यह बहुत कम मात्रा में प्रयोग में लायी जाती है | क्योंकि यह काफी महँगी होती है |

दोस्तों जब भी CPU किसी निर्देश तथा data को perform करता है तो वह data तथा निर्देश Primary memory में पहले से ही store रहता है क्योंकि CPU instructions तथा commands को primary memory से ही पढता है |

Primary memory की data transfer की गति secondary memory के मुकाबले अधिक होती है |

Primary memory के अंतर्गत आने वाली memory :-

प्राथमिक स्मृति (primary memory) को निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है :-

  1. RAM (Random Access Memory)
  2. ROM (Read Only Memory)
  3. PROM (Programmable Read Only Memory)
  4. EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
  5. EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory)
(i) RAM (Random Access Memory)
memory in hindi

यह एक अस्थाई मेमोरी (Volatile memory) होती है क्योंकि इसमें किया जाने वाला कार्य बिजली के चले जाने पर मिट जाता है |

इसे Read and Write memory भी कहा जाता है क्योंकि इससे उपलब्ध किये गए data को हम पढने के साथ साथ इसमें हम कोई सुधार भी कर सकते हैं | आसान भाषा में समझा जाए तो इससे उपलब्ध किये गए data में लिखा भी जा सकता है |

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RAM के प्रकार :-
  1. DRAM (Dynamik Random Access Memory)
  2. SRAM (Static Random Access Memory)
  3. SDRAM (Synchronous Dynamik Random Access Memory)
(ii) ROM (Read Only Memory)
computer memory in hindi

दोस्तों इस memory में save किये गए data को सिर्फ पढ़ा जा सकता है | ROM में data के save हो जाने पर हम इसमें कोई संसोधन (सुधार) नहीं कर सकते हैं और यही मुख्य कारण है कि इस memory को Read Only Memory कहा जाता है |

यह एक स्थाई मेमोरी (Non-Volatile Memory) होती है | इसमें किये जाने वाले कार्य पर बिजली के आने या चले जाने से कोई परिवर्तन नही होता है अर्थात power supply off हो जाने पर भी इसमें save किया गया data सुरक्षित रहता है |

Basic Input Output System (BIOS) की जानकारी को store करने के लिए इसी memory का इस्तेमाल किया जाता है | 

(iii) PROM (Programmable Read Only Memory)

यह भी एक स्थाई मेमोरी (Non-Volatile Memory) होती है और इसमें भी किये जाने वाले कार्य पर बिजली के आने या चले जाने से कोई परिवर्तन नही होता है |

इसमें program लिखने के लिए विशेष प्रकार की programming की आवश्यकता होती है |

इन्हें भी पढ़ें :-

जिस विधि से इसमें program लिखा जाता है | उस विधि को Burning कहा जाता है |

दोस्तों इस memory में program लिख जाने के बाद यह ROM में परिवर्तित हो जाती है | Program का ROM में परिवर्तन हो जाने के बाद इसमें कोई संसोधन नही किया जा सकता है |

(iv) EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)

इसमें save किये गए data में हम संसोधन की प्रक्रिया कर सकते हैं लेकिन इसमें save किये गए data में दुबारा लिखना बहुत कठिन होता है क्योंकि दुबारा लिखने के लिए इसमें लिखे गये data को ultra violet rays  (पराबैगनी किरणों) की मदद से erase किया जाता है |

दोस्तों ऐसा करने पर ही इसमें save किये गए data को पुनः लिखा जा सकता है |

(v) EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory)

इसमें निर्देशों को लिखने के लिए काफी समय चाहिए होता है और यह काफी महँगी भी होती है |

यह भी एक स्थाई मेमोरी (Non-Volatile Memory) होती है और इसे आसानी से update भी किया जा सकता है |

2. Secondary Memory

दोस्तों इस memory को हम auxiliary या external memory भी कह सकते हैं | इसकी गति primary memory के अपेक्षा कम होती है |

secondry memory kya hai

यह भी एक स्थाई मेमोरी (Non-Volatile Memory) होती है और इसमें भी किये जाने वाले कार्य पर power supply off होने से कोई परिवर्तन नही होता है |

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इसमें save किया गया data हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाता है |

इसे हम removable memory भी कह सकते हैं अर्थात हम इसे काम खत्म हो जाने के बाद निकाल भी सकते हैं |

secondary memory के कुछ उदहारण :-

जैसे – Floppy disk , Hard disk , Optical disk , Pen drive आदि

3. Cache Memory (कैश मेमोरी)

इसे primary memory की श्रेणी में ही माना जाता है लेकिन कभी कभी इसे “टर्शरी मेमोरी” भी माना जाता है | इसे CPU तथा primary memory के बीच में स्थित किया जाता है |

primary memory की गति कम होती है तथा CPU की गति अधिक होती है | तो इसीलिए CPU तथा primary memory की गति के अंतर को कम करने के लिए Cache Memory का प्रयोग किया जाता है |

कम्प्यूटर मेमोरी यूनिट (Computer memory unit in hindi)

आधुनिक computer सूचना तथा data को store करने के लिए अंकों का इस्तमाल करते हैं |

सभी लोग यह तो जानते ही हैं कि computer में जो कार्य किया जाता है वह कार्य computer में लगे electronic device करते हैं जैसे – Transistor , Integrated Circuit , Register आदि

दोस्तों कम्प्यूटर में data को store करने के लिए binary number या bits का इस्तेमाल किया जाता है | यह 0 और 1 digit के रूप में होते हैं और प्रत्येक digit का मतलब एक bit होता है |

दोस्तों इन bit से मिलकर binary number का एक सेट बनता है और सबसे शुरुवाती set 8 bit का होता है जिसका मतलब 1 byte होता है |

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आपका data जितना बड़ा होता है, binary number का set भी उतना ही बड़ा बनता है | इन set के हर आकार को अलग अलग नाम की मदद से समझा जाता है जो की निम्न प्रकार से हैं :-

  • 1 Bit = 0 ,1
  • 1 Nibble = 4 Bit
  • 1 Byte = 8 Bit
  • 1 KB = 1024 Byte
  • 1 MB = 1024 KB (Kilo Byte)
  • 1 GB = 1024 MB (Mega Byte)
  • 1 TB = 1024 GB (Giga Byte)
  • 1 PB = 1024 TB (Tera Byte)
  • 1 EB = 1024 PB (Penta Byte)
  • 1 ZB = 1024 EB (Exa Byte)
  • 1 YB = 1024 ZB (Zetta Byte)
  • 1 BB = 1024 YB (Yotta Byte)
  • 1 GB = 1024 BB (Bronto Byte)

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों आज के लेख मेमोरी क्या है (Memory kya hai) – What is memory in hindi में हमने computer memory के बारे में पूरे विस्तार से जाना है जैसे memory कितने प्रकार की होती है और किस मेमोरी का क्या काम होता है |

आज के इस लेख में हमने computer memory unit in hindi के बारे में भी जाना है और binary number के set के बारे में समझा है |

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